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बिरसा वाहिनी फाउंडेशन
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बिरसा वाहिनी वैश्विक हेल्पलाइन (24/7 सहायता)

एक जमीनी सेवा आंदोलन

धर्म एवं हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।

बिरसा वाहिनी फाउंडेशन समाज की जड़ों में काम करता है — हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और उस जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जिन पर धर्म एवं सांस्कृतिक विरासत टिकी है।

धारा 80G पर 50% कर छूट

पंजीयन: AABTB4329RF20214

यूपीआई और सीधे बैंक हस्तांतरण
गाँव की सभा में लोगों से बात करती हुई एक महिला

किसी कार्य के लिए दान करें

आपका दान उसी सेवा तक पहुँचता है जिसे आप चुनते हैं। राशि अगले पृष्ठ पर पुष्टि करें।

धारा 80G
दान करें · तूतोली गौशाला
फ़ोन+91 70041 05003
तूतोली, खूंटी के निकट हनुमान जी की 32 फुट की प्रतिमा

तूतोली गौशाला को सुरक्षित करें

हमारे कार्य की झलक

हालिया अभियान और सफलताएँ

इस समय दो अत्यावश्यक कार्य सहयोग माँगते हैं — तूतोली में गौशाला की दीवार, और पौराणिक शिव मंदिर।

तूतोली, खूंटी के निकट हनुमान जी की 32 फुट की प्रतिमाअत्यावश्यक अपील

तूतोली, खूंटी के निकट, झारखंड — हनुमान जी की 32 फुट की प्रतिमा के पीछे

तूतोली गौशाला को सुरक्षित करें

झारखंड के खूंटी के निकट तूतोली में हनुमान जी की 32 फुट की प्रतिमा के पीछे देशी गौ वंश के लिए तीन एकड़ पर नई गौशाला बन रही है। गौशाला के शेड बनाने से पहले भूमि को सुरक्षित करने हेतु बाउंड्री वॉल अभी पूरी करनी है।

पौराणिक शिव मंदिर के शिखर पर काम करते श्रमिकअत्यावश्यक अपील

अधूरे पौराणिक शिव मंदिर का स्थल

पौराणिक शिव मंदिर की रक्षा करें

एक जीर्ण-शीर्ण शिव मंदिर है, जहाँ कई हजार वर्ष प्राचीन पौराणिक शिवलिंग वृक्ष के नीचे बिना संरक्षण खुले पड़े हैं — और एक शिवलिंग स्वयं वृक्ष पर, भूमि से लगभग 32–33 फुट ऊपर है। आधा बना मंदिर अपने शिखर की पूर्णता की प्रतीक्षा कर रहा है, ताकि इस विरासत को आश्रय और रक्षा मिल सके।

सभ्यतागत प्रेरणा और देशभक्ति

भगवान बिरसा मुंडा की धार्मिक आत्मा

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा (1875–1900) केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि एक अटल आध्यात्मिक सुधारक थे, जिन्होंने भारत की पैतृक सनातन धार्मिक चेतना की रक्षा आक्रामक औपनिवेशिक धर्म-प्रचार, सांस्कृतिक विनाश और भूमि-हरण से की। उन्होंने भक्ति, पवित्रता, गौ रक्षा और सभ्यतागत स्वाभिमान का उपदेश दिया।

धर्म और आस्थापैतृक आध्यात्मिक परंपरा, पवित्र उपवन और प्रकृति के प्रति श्रद्धा को बनाए रखना।
गौ रक्षा और सेवागायों की रक्षा, जो ग्रामीण आजीविका और पवित्र सद्गुण का आधार हैं।
राष्ट्रीय एकताशोषण और सांस्कृतिक क्षरण का विरोध करने के लिए सभी समुदायों को जोड़ना।
भगवान बिरसा मुंडा

धरती आबा

भगवान बिरसा मुंडा

"अपने धर्म और सत्य पर अडिग रहें। पवित्र भूमि, गाय और निर्दोष की रक्षा करें।"

हमारा प्रभाव

20K+
प्रभावित जीवन
5K+
निःस्वार्थ सेवक
2.5K+
बचाव कार्य
15+
चल रहे कार्यक्रम

हमारा उद्देश्य

गाँव की सभा में लोगों से बात करती हुई एक महिला

एक गाँव की सभा

धर्म एवं सांस्कृतिक विरासत केवल आस्था नहीं है — यह प्रकृति और समाज के साथ सद्भाव में जीने का मार्ग है। बिरसा वाहिनी वहाँ कार्य करती है जहाँ सबसे अधिक आवश्यकता है: गाँवों और जंगलों में, जनजातीय और वंचित समुदायों के साथ — हमारी विरासत, हमारे मंदिरों और उस जीवंत धरती की रक्षा के लिए जो धर्म को पोषित करती है।

श्रीमती प्रिया मुंडा

संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष

श्रीमती प्रिया मुंडा

अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्म नेत्री

  • G20 प्रतिनिधि एवं जनजातीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित
  • 8+ भारतीय राज्यों में 18+ वर्षों का जमीनी नेतृत्व
  • हिंदू मंदिरों का जीर्णोद्धार और शिकारी धर्मांतरण माफियाओं का प्रतिरोध
  • अंतरराज्यीय तस्करी से सैकड़ों असुरक्षित नाबालिगों को बचाया

"हमारा धर्म हमें सक्रिय सेवा के लिए बुलाता है: निर्दोष बच्चे की रक्षा, गौ का आश्रय, और अपने पवित्र मंदिरों के प्रहरी के रूप में खड़े रहना।"

साहसी जमीनी नेतृत्व

सभ्यतागत विरासत की रक्षा और ज़रूरतमंदों की सेवा

श्रीमती प्रिया मुंडा बिरसा वाहिनी फाउंडेशन का नेतृत्व अग्रिम पंक्ति से करती हैं। सेमिनारों तक सक्रियता सीमित रखने के बजाय, हमारी टीमें आपातकालीन टास्क फोर्स, गौशालाएँ और मोबाइल स्वास्थ्य वैन राष्ट्रीय राजमार्गों पर और दूरस्थ वन क्षेत्रों के भीतर संचालित करती हैं।

  • मंदिर रक्षा एवं उत्सव सेवा: उपेक्षित या क्षतिग्रस्त हिंदू मंदिरों पर तुरंत सहायता, बाउंड्री वॉल, दैनिक पूजा, तथा रथ यात्रा और गणेश महोत्सव के दौरान जनसमर्थन और जल शिविर।

  • गौ तस्करी का अवरोध: कानून प्रवर्तन के साथ रात्रि गश्त, अवैध परिवहन ट्रकों को रोकना, और बचाई गई गायों का हमारी हटिया शरणस्थली में पुनर्वास।

  • बाल संरक्षण टास्क फोर्स: जब नाबालिग बंधुआ मजदूरी के दलालों, बाल विवाह के तस्करों या जबरदस्ती धर्मांतरण करने वाले मिशनरियों का निशाना बनते हैं, तब तुरंत हस्तक्षेप।

24/7 त्वरित कार्रवाई संकट हेल्पलाइन: +91 72588 99880

ज़मीन से

ज़मीन से बदलाव

इस समय दो अपील खुली हैं, और बच्चों के साथ रोज़ का काम गाँवों में जारी है।

मंदिर सेवापौराणिक शिव मंदिर

आधा बना शिव मंदिर अभी अपने शिखर की प्रतीक्षा कर रहा है। प्राचीन पौराणिक शिवलिंग खुले में हैं, जिनमें एक वृक्ष पर ऊँचाई पर है। यह अपील शिखर पूरा करती है और फिर जो खुला है उसे आश्रय देती है।

अपील खुली है

गौ सेवातूतोली, खूंटी के निकट

हनुमान जी की 32 फुट की प्रतिमा के पीछे तीन एकड़ पर देशी गौ वंश के लिए गौशाला बन रही है। गायों के शेड से पहले बाउंड्री वॉल पूरी होनी है।

दीवार का काम

बच्चेजिन गाँवों में हम काम करते हैं

विरासत की रक्षा लोगों से शुरू होती है — एक बच्चे को भोजन, एक कौशल, और एक परिवार के साथ खड़े होना। यही काम मंदिर और गौशाला के साथ चलता है।

चल रही सेवा

जिस भी बच्चे तक हम पहुँचते हैं, वह हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाता है

जिस भी बच्चे तक हम पहुँचते हैं, वह हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाता है

जिन गाँवों में हम कार्य करते हैं, वहाँ विरासत की रक्षा लोगों से आरंभ होती है — एक बच्चे को भोजन, एक मंदिर का जीर्णोद्धार, एक उपवन का रोपण, एक कौशल का प्रशिक्षण। आपका सहयोग करुणा को स्थायी परिवर्तन में बदलता है।

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सीधे संपर्क करें

हमारे राँची केंद्रीय कार्यालय से जुड़ें

किसी मंदिर की देखभाल, गौशाला, निःस्वार्थ सेवा या दान के बारे में लिखें।

बिरसा वाहिनी फाउंडेशन मुख्यालय

हटिया, राँची, झारखंड

पंजीकृत पता

Flat 6C, 6th Floor, Block B, Assri Heritage City, Hatia, Ranchi-834003, Jharkhand

दूरभाष

मुख्य कार्यालय: +91 70041 05003

24/7 हेल्पलाइन: +91 72588 99880

कार्यालय समय

सोमवार से शनिवार, सुबह 9:30 से शाम 6:30 बजे तक। हेल्पलाइन पूरे सप्ताह उत्तर देती है।

जमीनी कार्य से जुड़ें

गौशाला, मंदिर सेवा, और बच्चों के साथ समय

निःस्वार्थ सेवक बनें

पूछताछ या सेवा प्रस्ताव भेजें

आंदोलन से जुड़ें

बिरसा वाहिनी के साथ खड़े हों — दान करें, निःस्वार्थ सेवक बनें, या इसे फैलाएँ।

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